आखिर मैं ही क्यों ? सवाल उठते हैं पर जवाब ढूंढे कौन ? चलिए कुछ जवाब समय के पहिए से ही माँगा जाए!
(रेशमा ख़ातून):१७ वीं शताब्दी में यूरोपिय मुल्क में निरंकुश राजा तक जनता अपनी बात पहुंचाना चाहती थी ! इसलिए अधिक संख्या में इकट्ठे होकर सभी राज महल की ओर जाने लगे ! राजा ने समझा जनता ने राज द्रोह कर दिया है और इस डर से सिपाहियों को हुक्म दिया कि सबको मार दो !…


