राजनगर | जिला मुख्यालय को राजनगर, बाबूबरही, खुटौना होते हुए भारत-नेपाल की सीमा पर स्थित लौकहा प्रखंड से जोड़ने वाली मुख्य सड़क प्रखंड क्षेत्र के हरिनगर अहमादा गांवों के बीच क्षतिग्रस्त होने के कारण आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर वाहनों का भारी दबाव बना रहता है, परन्तु हरिनगर एवं अहमादा के बीच बड़े-बड़े गड्ढ़े बन आने के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
वर्षा के कारण स्थिति और भी बदतर बन गयी है। आवागमन के लायक भी नहीं रह गयी है यह सड़क, फिलहाल स्थिति इतनी भयावह है कि पैदल चलने वाले राहगीर भी इस सड़क से गुजरने से पहले सोच में पड़ जाते हैं। इस कारण ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों ने इस सड़क का शीघ्र निर्माण कराये जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश और पिछले दिन आए बाढ़ ने सड़क को और भी बुरी तरह क्षति कर दिया है। आए दिन लोग यहां दुर्घटना के शिकार होते रहते हैं और कई बार इससे यहां के स्थानीय अधिकारियों जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन इस ओर किसी की तरफ से ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कहा कि बारिश के खत्म होते ही सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। विगत दिनों जब स्थानीय विधायक ने क्षेत्र का दौरा किया था तो उन्होंने शिकायत मिलने पर ग्रामीणों को सड़क बनाए जाने का आश्वासन भी दिया था। अब लोगों को बाारिश खत्म होने का इंतजार है, ताकि क्षेत्र में सड़क का निर्माण जल्द से जल्द शुरू कराया जाए।
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