भारत के इतिहास में बिहार का योगदान केवल राजनीति या समाज सुधार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी यह भूमि हमेशा अग्रणी रही है। सामाजिक और सांस्कृतिक समाज के साथ-साथ राजनीति में भी काफी विद्वान लोगों का हस्तक्षेप रहा है। बिहार के पहले शिक्षा मंत्री आचार्य बदरीनाथ वर्मा इसी परंपरा के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने न सिर्फ राज्य की शिक्षा व्यवस्था की नींव मजबूत की, बल्कि अपने विचारों और कार्यों से आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा-स्रोत बन गए। बिहार के पहले शिक्षा मंत्री आचार्य बदरीनाथ थे। उन्होंने 1946 में बिहार की पहली निर्वाचित सरकार में शिक्षा मंत्री का पद संभाला था।
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