बिहार की राजनीति में जाति का फैक्टर सबसे ज्यादा काम करता है। प्रदेश का चुनावी इतिहास खंगाले तो पाएंगे कि जिस भी दल के उम्मीदवार जितनी ज्यादा सुरक्षित सीट पर जीते हैं, उसे ही सत्ता का सुख भोगने का मौका मिला है। आजादी के बाद से लेकर अब तक के सभी विधानसभा चुनावों में जिस पार्टी ने इन सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया, वही सत्तासीन हुई। 243 विधानसभा सीटों में इन सीटों की संख्या फिलहाल 40 है, जिन्हें राजनीति का असली बैरोमीटर माना जाता है।
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— Mithilanchal News टीम
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