मंसूरचक, बेगूसराय। सरकार एक ओर सरकारी दर पर किसानों से धान अधिप्राप्ति के लिए निर्देश दे रही है। वहीं दूसरी ओर मंसूरचक प्रखंड के में धान क्रय केंद्र अभी तक नहीं खुला है। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है और वे अपना धान औने-पौने दामों में बेचने को विवश हैं।
बुद्धिजीवी किसान सिकन्दर महतो, अमरजीत आनंद, राम लोचन महतो, योगेन्द्र महतो, रामनंदन पंडित, रामकुमार पंडित, अजय कुमार सहित अन्य किसानों ने बताया कि धान क्रय केंद्र नहीं खुलने से उनलोगों का धान घर में पड़ा है। पैसे की घोर किल्लत है, विवश होकर औने-पौने दर पर बेचने को मजबूर हैं। प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी अरूण कुमार महतो बताते हैं कि मंसूरचक में कुल आठ पैक्स मे सहित प्रखंड मुख्यालय में धान क्रय केंद्र खोलने का लक्ष्य है। परंतु धान में नमी की मात्रा अधिक रहने से इसकी अधिप्राप्ति करने में समस्या उत्पन्न हो रही है। जब तक नमी कम नहीं होती है तब तक धान अधिप्राप्ति कर पाना संभव नहीं लग रहा है। सूत्रों से मिली जानकारीनुसार धान अधिप्राप्ति हेतु जिलास्तर के पदाधिकारियों की बैठक 15 नवंबर से पूर्व ही होनी थी परंतु किसी कारणवश इसकी बैठक नहीं हो सकी जिसकी वजह से धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य सुस्त पड़ा हुआ है।
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