मुजफ्फरपुर | एसकेएमसीएचमें 21 अप्रैल को जूनियर डॉक्टरों और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक झड़प की फिर से जांच होगी। डीएम ने इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। अपर समाहर्ता आपदा, सिविल सर्जन एसकेएमसी के प्राचार्य संयुक्त रूप से घटना की जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट अपने मंतव्य के साथ डीएम को सौंपेंगे। डीएम धर्मेंद्र सिंह ने ग्रामीणों द्वारा सीएम नीतीश कुमार को भेजे 20 सूत्री मांगों के ज्ञापन के आलोक में यह कमेटी गठित की है। ग्रामीणों के आवेदन में आईएमए गाइडलाइन के अनुसार कमेटी गठित करने, रेफर के खेल की उच्चस्तरीय जांच करवाने, ब्लड बैंक में दलालों स्टाफ की साठगांठ समाप्त कराने, प्रसव वार्ड दवा वितरण काउंटर के पास दलाली बंद कराने, मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का निजी क्लीनिक में जाकर कार्य करने पर रोक लगाने, बायोमीट्रिक सिस्टम से हाजिरी बनाना सुनिश्चित करने, 22 नामजद मेडिकल छात्रों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने, लंबे समय से तैनात चिकित्सकों कर्मियों का तबादला समेत 20 मांगें रखी गई हैं। गौरतलब है कि 21 अप्रैल को जूनियर डॉक्टरों ग्रामीणों में जमकर झड़प हो गई। आधा दर्जन से अधिक वाहन फूंक दिए गए थे। कॉलेज में जमकर तोडफ़ोड़ भी हुई थी जिसमें एक दर्जन से अधिक लोग जख्मी हो गए थे।
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