navruna Murder Case: Six months time from the Supreme Court to the CBI again.

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सुप्रीम कोर्ट से सीबीआइ को फिर छह माह का समय

यह है मामला:

मुजफ्फरपुर : 117-18 सितंबर वर्ष 2012 की रात नगर थाना के जवाहरलाल रोड स्थित नवरुणा का अपहरण कर लिया गया। बाद में उसके घर के निकट नाला से एक मानव कंकाल बरामद हुआ। डीएनए टेस्ट के आधार पर सीबीआइ ने यह कंकाल नवरुणा का बताया।

अभिषेक ने कहा आदेश से निराश सुप्रीम कोर्ट में देंगे आवेदन .

नवरुणा मामले की कानूनी लड़ाई लड़ रहे कानून के छात्र व सेव नवरुणा फोरम के अभिषेक रंजन ने कहा कि इस आदेश से वे निराश हैं। वे दोबारा सुप्रीम कोर्ट में आवेदन देंगे। इसमें छह माह का समय देने के आदेश पर फिर से विचार करने की प्रार्थना करेंगे।

 नवरुणा मामले की जांच पूरी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को फिर छह माह का समय दिया है। जांच पूरी करने की नई डेडलाइन 30 सितंबर तय की है। जांच का समय विस्तार के लिए 30 मार्च को सीबीआइ ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। इसमें चार माह का समय मांगा गया था। सीबीआइ के अधीक्षक रोहित कपूर की ओर से 30 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। एक संदिग्ध का नाकरे टेस्ट नहीं होना इसका कारण बताया गया है। यह टेस्ट गुजरात के गांधीनगर स्थित विधि विज्ञान निदेशालय (डीएफएस) में कराया जाना है। देश में नाकरे टेस्ट के लिए एकमात्र संस्थान होने के कारण वहां लंबी प्रतीक्षा सूची है। हालांकि अर्जी में यह नहीं बताया गया है कि किस संदिग्ध का नाकरे टेस्ट कराया जाना है। 1सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जांच में आएगी तेजी : सितंबर तक का समय देने के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को अपेक्षित सहयोग वाली सभी संस्थाओं को निर्देश दिया कि इसे विशेष प्राथमिकता से पूरा करें। ऐसी संस्थाएं जरूरी सहयोग सीबीआइ को उपलब्ध कराएं। इस निर्देश से जल्द ही एक संदिग्ध का नाकरे टेस्ट हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश से सीबीआइ यह नहीं कह सकती है कि उसे अन्य संस्थाओं से समय पर सहयोग नहीं मिल रहा है। 1दूसरी बार मिला छह माह का समय : अभिषेक रंजन के अवमानना वाद की सुनवाई के बाद गत वर्ष छह मई को सुप्रीम कोर्ट ने 31 अक्टूबर की डेडलाइन तय की थी।