muzaffarpur:प्रमंडल के 10 हजार कारोबार पर तलवार, एक से हो सकते बंद, जिले के 2375 कारोबारी भी घेरे में

    मुजफ्फरपुर:जीएसटी गुड्स एंड सर्विस टैक्स में एनराॅलमेंट नहीं कराने वाले प्रमंडल के 10 हजार से अधिक कारोबारियों का व्यवसाय बंद हो जाएगा। जिले में भी वैट निबंधित 7919 व्यवसायियों में से 30 प्रतिशत यानी 2375 के कारोबार पर संकट गहरा गया है। वे 1 जुलाई के बाद तो कहीं से प्रोडक्ट मंगा सकेंगे और ही बेच सकेंगे। ऐसे कारोबारियों के पूर्व मंगाए गए प्रोडक्ट्स पर दिए गए टैक्स का भी एडजस्टमेंट नहीं होगा।
    1 जुलाई से जीएसटी लागू हो रहा है। इसके लिए अब टिन नंबर की जगह जीएसटी एनरोलमेंट जरूरी है। लेकिन, प्रमंडल के मुजफ्फरपुर पूर्वी, पश्चिमी, बगहा, बेतिया, मोतिहारी, रक्सौल, सीतामढ़ी में वैट निबंधित 22,326 कारोबारियों में से अब तक 12 हजार से अधिक व्यवसायियों ने ही एनरोलमेंट कराया है।

    15 तक ही खुला रहेगा जीएसटी पोर्टल, प्रमंडल के 22,326 वैट निबंधित कारोबारियों में 12 हजार ने ही कराया है पंजीयन
    15 तक ही खुला रहेगा जीएसटी पोर्टल, प्रमंडल के 22,326 वैट निबंधित कारोबारियों में 12 हजार ने ही कराया है पंजीयन

    वाणिज्य कर विभाग ने इसके लिए गत वर्ष दिसंबर में ही अभियान चलाया था। इसमें 10,475 व्यवसायियों के जीएसटी एनरोलमेंट हुए थे। बाद में वंचित व्यवसायियों के लिए सरकार ने दोबारा जीएसटी पोर्टल खोला। दरअसल, शुरुआती अभियान में हर प्रदेश में जीएसटी पंजीयन का हाल कमोबेश एक जैसा ही था। ऐसे में सरकार ने एक बार फिर 15 जून तक की मोहलत दी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में व्यवसायी आगे नहीं आए। जबकि चार दिन ही शेष हैं। अब भी प्रमंडल के 40 प्रतिशत से अधिक व्यवसायियों का एनरोलमेंट नहीं हुआ है। दोबारा खोले गए जीएसटी पोर्टल के दौरान भी ढाई हजार व्यवसायियों ने ही एनरोलमेंट कराया है। वाणिज्य कर विभाग की मानें तो जिन व्यवसायियों का पॉप अप यानी यूजर आईडी और पासवर्ड आया हुआ है उनके लिए आखिरी मौका है। जिनका अब भी पॉप अप नहीं आया है, वे शीघ्र पैन वेरीफिकेशन कराकर पॉप मंगा लें। उन्होंने कहा कि 15 जून के बाद एनरोलमेंट नहीं होगा। इसके बाद पंजीयन नहीं कराने वालों को कारोबार में परेशानी होगी।

    एनराॅलमेंट नहीं कराने वाले व्यवसायी को होगा नुकसान
    15जून तक ही जीएसटी पोर्टल खुले रहेंगे। इस दौरान एनरोलमेंट नहीं कराने वाले कारोबारियों का जीएसटी में पुराने उत्पादों पर लगे टैक्स एडजस्टमेंट नहीं होगा। इससे बड़ा घाटा होगा। आगे वे जीएसटी में व्यवसाय भी नहीं कर सकेंगे। अच्छेलालप्रसाद, उपायुक्त, वाणिज्य कर विभाग
    यूजर आईडी मालूम नहीं होने पर नया आईडी ले सकते हैं
    संयुक्तवाणिज्य कर आयुक्त प्रशासन ने बताया कि जिन व्यवसायियों का पॉप अप आया हुआ है। लेकिन, यूजर आईडी या पासवर्ड नहीं मालूम है, उनके लिए भी विकल्प है। वे विभाग में आकर अपना यूजर आईडी रीसेट करा सकते हैं। इसके आधार पर उनका इनरॉलमेंट हो जाएगा।

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