बिहार के जहानाबाद में मंगलवार की सुबह इमादपुर गाँव में सब कुछ सामान्य था। खेतों में धान की रोपाई चल रही थी और घरों में रोज़मर्रा के कामकाज। 25 वर्षीय अंशु देवी भी अपने घर की जिम्मेदारियाँ निभाने में जुटी थीं। उन्हें शायद यह अंदाज़ा भी नहीं था कि कुछ ही देर बाद उनका परिवार ऐसी त्रासदी का सामना करेगा, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की होगी। परिवार के बाकी सदस्य खेत में काम करने गए थे और अंशु घर पर अकेली थीं।
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— Mithilanchal News टीम
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