बिहार के अररिया जिले की 55 साल की एक महिला 13 साल बाद अपने बेटे से मिली, जिसे कथित तौर पर मानव तस्करी रैकेट ने अगवा कर लिया था। जरीना खातून ने रोते हुए पूरे घटनाक्रम की चर्चा करते हुए पत्रकारों से बताया कि ” हमारी मजबूरी का फायदा उठाकर, कुछ गांव वालों ने हमदर्दी दिखाई और हमारे 12 साल के बेटे जमशेद उर्फ मुन्ना को यह वादा करके ले गए कि वे उसे उत्तर प्रदेश के भदोही में एक मदरसे में दाखिला दिलाएंगे।” उन्होंने बताया कि मेरे पति शारीरिक और मानसिक बीमारियों से पीड़ित हैं, जिससे परिवार की जिम्मेदारी, जिसमें दो बेटे भी शामिल हैं, उन पर आ गई थी। इसके बाद भी हमने 12 वर्षो तक कानूनी लड़ाई लड़ी और अपने बेटे को वापस पाया।
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