Bihar Elections : 10000 रुपये का ‘चुनावी च्युंइगम’! क्या राज्य की इकोनॉमी में है इसकी भरपाई का दमखम?

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने वादों और कल्याणकारी योजनाओं की झड़ी लगा दी है। लेकिन सवाल यह है कि क्या राज्य की कमजोर आर्थिक हालत इन योजनाओं का बोझ झेल पाएगी? ताजा आंकड़े बताते हैं कि बिहार की अर्थव्यवस्था अब भी केंद्र पर निर्भर है और रोजगार, शिक्षा और गरीबी के मोर्चे पर स्थिति चिंताजनक है।

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