भारत-चीन तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने खोला मुँह ,फिर अल्पाया कश्मीर राग

    भारत के चीन के साथ सीमा विवाद और नेपाल के साथ उपजे सीमा विवाद के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत को पड़ोसी देशों के लिए खतरा बताया है। इमरान खान ने भारत की केंद्र सरकार को एक बार फिर हिंदूवादी फासीवादी सरकार बताया है ,पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है कि हिंदूवादी फासीवादी मोदी सरकार अपनी अभिमानी विस्तारवादी नीतियों के चलते हैं अपने पड़ोसियों के लिए खतरा बन गया है इसके साथ ही यह भी लिखा है कि बांग्लादेश को नागरिकता कानून नेपाल और चीन के साथ सीमा विवाद और पाकिस्तान के खिलाफ झूठे अभियान चलाकर भारत पड़ोसियों को धमकाता है।

     

    इसके बाद किए गए ट्वीट में इमरान खान ने भारत प्रशासित कश्मीर का मुद्दा भी उठाया है उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि यह सब भारत प्रशासित कश्मीर पर अवैध कब्जे के बाद हुआ है जो चौथे जिनेवा सम्मेलन के तहत एक युद्ध अपराध है और वह अब पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर पर भी दावा कर रहा है। इमरान खान ने आगे अपने ट्वीट में लिखा है कि वह हमेशा इस बात पर कायम रहे हैं कि फासीवादी मोदी सरकार भारत के अल्पसंख्यक समुदाय को दूसरे दर्जे का नागरिक बना कर सिर्फ उनके लिए खतरा नहीं है ,बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है। गौर करने वाली बात है कि बीते कुछ हफ्तों से भारत और चीन के सैनिकों में लद्दाख सीमा के पास गतिरोध देखने को मिला है।

     

    जिसके चलते भारत में रक्षा मंत्री ने सेना के उच्चाधिकारियों के साथ बैठकें की हैं वहीं दूसरी तरफ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी अपनी सेना को युद्ध के लिए तैयार रहने की बात कही है वहीं दूसरी तरफ नेपाल के साथ ही भारत का सीमा विवाद बढ़ता जा रहा है। दरासल ये विवाद भारत द्वारा लिपुलेख इलाके मे एक सड़क उद्धाटन के बाद शुरू हुआ। लिपुलेख से हो कर ही मानसरोवर जाने का रास्ता है। सड़क बनाये जाने कई ने कड़े शब्दो मे भारत के कदमो का विरोध किया था। नेपाल कैबिनेट ने एक नई नक्शे पर मुहर लगाई है जिसमें लिंपिया अधूरा काला पानी और लिपुलेख को नेपाल का हिस्सा बताया गया है।

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