(उधव कृष्ण/डेस्क): क्या आप जानते है…
मौर्य कालीन है यक्षिणी की मूर्ति…
पटनासिटी के दीदारगंज गंगा घाट के किनारे से मिली थी ये मूर्ति…
धोबन के कारण हाथ लगी ये दुर्लभ मूर्ति..
वाक्या 20 अक्टूबर 1917 की है जब एक धोबन गंगा किनारे अपने कपड़ो को धोने पहुँची थी उसी वक्त उसे एक साँप दिखा और उसने उसे मारने के लिए अन्य लोगो को बुलाया जब आस पास के लोग पहुँचे तब साँप पत्थर के नीचे चला गया इसी साँप को ढूंढने के ख्याल से लोगों ने वहाँ के जमीन को खोदा और इस पत्थर को देखा उसके बाद इसे संग्रहालय के सुपुर्द कर दिया गया.. ये रिपोर्ट उस समय के तत्कालीन इंस्पेक्टर जनरल ने अपनी डायरी में लिखी थी।
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