शिव बाबा के अवतरण से सुखमय जीवन की हो रही शुरूआत – पूनम बहन शंख ध्वनि व नगाड़ों के साथ महाविजय उत्सव मनाया गया
बेगूसराय कार्यालय।बेगूसराय। सृष्टि का नाटक चार युगों से गुजरता है। परमपिता शिव बाबा के अनुसार हर युग 1250 साल इस सृष्टि पर चलता है। एक चक्र की आयु 5 हजार साल होती है। ये चक्र लगाते-लगाते अब कलियुग के अंतिम चरण पर पहुंच गया है। कहते हैं समय परिवर्तनशील है तो परमपिता शिवबाबा के अनुसार इस सृष्टि पर पुनः नई दुनिया, सतयुगी दुनिया, सुखशांति वाली दुनिया, स्थापन होने का समय आ चुका है। ऐसी सुंदर दुनिया लाने के लिए सर्वधर्म की आत्माओं के परमपिता निराकार ज्योतिस्वरूप शिवबाबा का अवतरण हो चुका है। सतयुग में जाने के लिए खुद परमात्मा शिव आकर आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग की शिक्षा दे रहे हैं। ये बातें जीडी काॅलेज प्रांगण में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अलविदा तनाव शिविर को संबोधित करते हुए पूनम बहन ने कही। उन्हांेने कहा कि प्रत्येक मनुष्य अगर परमात्मा द्वारा दिया गया ज्ञान सुनता है, मेडिटेशन सुनता है तो वह अपने जीवन में परमात्मा के खजाने, सुख, शांति, आनंद, खुशी का अनुभव कर सकता है। आज शांति का कुंज बन गया शांतिकुंड। जिसमें सभी ने अपने क्रोध, नफरत, रोग एवं विद्वेष की आहुति दी। शहर के सभी धर्माें के लोगों ने एकसाथ मिलकर अलविदा तनाव मुक्ति एवं मेडिटेसन अनुभूति शिविर में शिरकत की। पूनम बहन ने कहा कि यह शिविर समापन जरूर है, लेकिन सुखमय जीवन की नई शुरूआत है। वास्तव में हम सब एक पिता की संतान हैं। यदि हम एक दूसरे को आत्मिक रूप से देखें तो सब भाई-भाई हैं। शिविर में आज शंख ध्वनि एवं नगाड़ों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आतिशबाजी भी खुशी मंे की गई।
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