मुजफ्फरपुर
जिले में पीएचएच राशन कार्ड बीपीएल परिवारों की संख्या से 2.14 लाख अधिक बन गए। इसके बावजूद कार्ड बनाने के हजारों आवेदक अब भी आरटीपीएस काउंटरों के आगे खड़े दिखते हैं। इसे लेकर विभाग की परेशानी बढ़ गई है। जांच कराने पर कई जगहों पर गड़बड़ी उजागर हो रही है। बता दें कि अब सिर्फ बीपीएल परिवारों के लिए पीएचएच राशन कार्ड बनना है।एक नवंबर से नया राशन कार्ड बनाने के लिए दोनों एसडीओ कार्यालय में आरटीपीएस काउंटर लगाए गए। लेकिन, काफी अधिक संख्या में राशन कर्ड बन जाने के बावजूद काउंटरों पर आवेदकों की भीड़ उमड़ रही है। डीएम धर्मेंद्र सिंह के आदेश पर सत्यापन हुआ तो 40 हजार लाभुक गलत रूप से राशन लेते पाए गए। डीएम ने उन सभी राशन कार्ड को रद्द करने संबंधित लाभुकों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। साथ ही अन्य राशन कार्ड की वास्तविकता की जांच करने का आदेश भी दिया है।इधर जिन लाभुकों का राशन कार्ड बना है, उनमें भी यह तथ्य सामने आया है कि सिर्फ 2,88,655 परिवारों के ही आधार बने हैं। सरकार ने चयनित बीपीएल परिवारों के एसईसीसी डाटा के अनुसार पीएचएच राशन कार्ड निर्गत करने का आदेश दिया है। इसके तहत अब वास्तविक लाभुकों को राशन केरोसिन उपलब्ध कराने के लिए सभी राशन कार्ड को आधार बैंक खाते से जोड़ा जा रहा है। अब अधिकारी यह जानकर परेशान हैं कि जिले में बीपीएल परिवारों की संख्या 5 लाख 93 लाख है। जबकि, 8,06,878 पीएचएच राशन कार्ड बंट चुके हैं। इन कार्डों के माध्यम से जिले के 40 लाख से अधिक आबादी को सरकारी स्तर पर राशन केरोसिन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसे देखते हुए डीएम के आदेश पर दोनों अनुमंडलों के प्रखंडों में जांच कराई गई। जांच में 40 हजार परिवारों को अपात्र मानते हुए रिपोर्ट सौंपी गई है। जबकि, 8,06,875 राशन कार्ड धारियों में केवल 2,88,655 परिवारों का ही अब तक आधार उपलब्ध हो सका है।
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