टेलीविजन संचार का सबसे बढ़िया माध्यम है ये तो हम सब जानते है, पर क्या आप ये जानते है की टेलीविजन के आविष्कार से पहले सिनेमा हाल ही चल चित्र का सबसे उपयुक्त माध्यम था,
दिसंबर 1966 में “यूनाइटेड नेशन जेनरल असेंबली” ने 21 नवंबर को विश्व टेलीविजन दिवस के रूप में घोषित किया, अब आइये जानते है भारत मे टेलीविजन के विकास के बारे में…
दूरदर्शन के कार्यक्रम क्या आपको याद है???
शक्तिमान को कौन भुला सकता है…
तब “रामायण और महाभारत” ने भारत मे टेलीविजन की दुनियां में क्रांति ला दी थी…
समय के साथ दूरदर्शन के साप्ताहिक कार्यक्रमो की जगह निजी चैनलों की डेली शोप और रिएलिटी शोज ने ले ली… फिर भी वो दौर भूले नही भुलाता..
पटना सेउधव कृष्ण
की एक रिपोर्ट.
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टेलीविजन संचार का सबसे बढ़िया माध्यम है ये तो हम सब जानते है, पर क्या आप ये जानते है की टेलीविजन के आविष्कार से पहले सिनेमा हाल ही चल चित्र का सबसे उपयुक्त माध्यम था,
दिसंबर 1966 में “यूनाइटेड नेशन जेनरल असेंबली” ने 21 नवंबर को विश्व टेलीविजन दिवस के रूप में घोषित किया, अब आइये जानते है भारत मे टेलीविजन के विकास के बारे में…
दूरदर्शन के कार्यक्रम क्या आपको याद है???
शक्तिमान को कौन भुला सकता है…
तब “रामायण और महाभारत” ने भारत मे टेलीविजन की दुनियां में क्रांति ला दी थी…
समय के साथ दूरदर्शन के साप्ताहिक कार्यक्रमो की जगह निजी चैनलों की डेली शोप और रिएलिटी शोज ने ले ली… फिर भी वो दौर भूले नही भुलाता..