मधुबनी: डिस्ट्रीक लीगल सर्विस आॅथरिटी मधुबनी द्वारा डीआरडीए के सभागार में दो दिवसीय डिस्ट्रिक्ट पैनल के वकीलों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मधुबनी एवं झंझारपुर व्यवहार न्यायालय के डालसा के द्वारा पैनल वकीलों को प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 अगस्त तक चलेगी। प्रशिक्षण में मुवक्किल को कैसे काउंसिलिंग करें ताकि उन्हें सही न्याय मिल सके। इसका प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही विक्टिम को मुआवजा सुरक्षा दिलाने में भी विधिक सहयोग के प्रक्रियाओं से अधिवक्ताओं को अवगत कराया गया। प्रशिक्षण दे रहे मास्टर ट्रेनर पूर्व न्यायाधीश एनके लाल ने कहा कि आपदा से प्रभावित, सीनियर सिटीजन, महिला, दलित, महादलित को पैनल लॅायर निशुल्क विधिक सुविधा प्रदान करेंगे। जिससे आर्थिक रूप से कमजोर पीड़ित को बिना शुल्क और आर्थिक बोझ के न्याय मिल सके। दुष्कर्म पीड़िता, तेजाब हमले से घायल पीड़िता को भी पैनल अधिवक्ता छह महीने के अंदर विधिक प्रावधान के तहत तीन-तीन लाख की क्षतिपूर्ति दिला सकते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र का उद्घाटन करते हुये डीएलएस के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओम प्रकाश द्वितीय ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर सेक्सन को न्याय मुआवजा दिलाना जिला विधिक सेवा प्राधिकार का मुख्य उद्देश्य है। वहीं डालसा के सचिव सह सीजीएम मधुबनी व्यवहार न्यायालय शैलेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि डालसा के माध्यम से पीड़ितों को छह महीने के भीतर तीन लाख की क्षतिपूर्ति की व्यवस्था है। प्रशिक्षण सत्र के उद्घाटन सत्र में पैनल अधिवक्ताओं में मिथिलेश कुमार झा द्वितीय, राकेश कुमार सिंह, उमेश प्रसाद सिंह, ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव, बलदेव झा, रेणू मिश्रा, मधु रानी, सीमा झा, बबीता कुमारी, प्रफुल्ल चंद्र झा आदि जैसे 50 से अधिवक्ता प्रशिक्षण में शामिल हुये।
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