मधुबनी/जयनगर :नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में तेज बारिश होने से एक बार फिर कमला नदी का जल स्तर बढ़ गया है। सावन माह में यह तीसरी बार कमला नदी का जल स्तर बढ़ा हैं। गुरुवार की सुबह में अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। सुबह आठ बजे नदी का जल स्तर खतरे के निशान से मात्र 25 सेमी नीचे थी। नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए विभाग ने कमला नदी के सभी आठ फाटक खोल दिए हैं। ताकि बाढ़ के पानी का दबाव ब्रिज पर नहीं पड़े। कमला ब्रिज की लंबाई करीब 1000 हजार फीट है। ब्रिज में आठ फाटक 76 फोल्डिंग शटर है। ब्रिज के पूर्वी छोड़ पर सिर्फ एक फाटक पश्चिमी छोड़ पर 7 फाटक हैं। कमला ब्रिज के दोनों तरफ दो नहर निकलती हैं। पूर्वी छोड़ के नहर में दो फाटक पश्चिमी नहर में पांच फाटक है। बाढ़ के पानी के साथ शिल्ड आने का खतरे को देखते हुए दोनों ओर नहर का फाटक बंद कर दिया गया है। फिलहाल नदी के जल स्तर में उतार चढ़ाव जारी हैं। कमला नदी नेपाल के पहाड़ों से होते हुए तराई क्षेत्र होकर भारतीय क्षेत्र जयनगर में प्रवेश करती हैं।
कमला नदी पर बने ब्रिज को छूकर निकलती कमला नदी।
मधेपुर(मधुबनी) | गुरुवारको बीरपुर कोसी बाराज से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से एक बार फिर मधेपुर प्रखंड की 50 हजार की आबादी पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। कोसी बाराज से इस वर्ष अब तक सर्वाधिक दो लाख क्यूसेक पानी गुरुवार को छोड़ा गया है। पानी का प्रवाह बढ़ते क्रम में बताया गया है। वहीं कमला बलान झंझारपुर में खतरे के निशान से 1.25 मीटर ऊपर बह रही है जबकि भूतही बलान खतरे के निशान पर बह रही है।
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