सिंहवाड़ा:शोभन गगौल पथ के चौदह फाटक स्थित बांध पर रविवार की रात दुष्कर्म कर नदी में एक महिला को फेंक दिया। वो दरिंदा कोई और नहीं महिला का नंदोई ही था। मछुआरों के सहयोग से पीड़ित महिला को नदी किनारे से बरामद किया गया। वह कमतौल थाना के एक गांव की रहने वाली है।
सिमरी थाना अध्यक्ष राजन कुमार को दिए बयान में महिला ने कहा आपबीती सुनाते हुए नंदोई की करतूत उजागर की। इसमें उसने कहा है कि उसके पति से उसका तीन वर्ष से विवाद चल रहा है। वह अपने रिश्तेदार के यहां दोनों बच्चों को लेकर अहिल्यास्थान के एक गांव में रहती है। शुक्रवार को नंदोई अशेश्वर यादव उनके पास आए और वहां से ले जाकर उन्होंने मुझे मेरे मायके ब्रह्मपुर में छोड़ दिया। शनिवार को वह फिर आए और अपनी गाड़ी से साली के यहां बरही में रात भर रखा। इस दौरान मेरे साथ नंदोई ने गलत काम करने का प्रयास किया। रविवार को वह मुझे बरही से लेकर समस्तीपुर के रास्ते दरभंगा मनोकामना मंदिर ले गए जहां शाम को वापस अपने गांव गगौल जाने के दौरान शोभन स्थित 14 नंबर फाटक के पास अंधेरा होने के बाद अशेश्वर ने दुष्कर्म किया। वहीं, साड़ी से दोनों हाथों को बांधकर पिटाई कर दी। बाद में हाथ खोलकर नदी में फेंक दिया। मैं तैरते हुए पानी के किनारे पहुंची। मल्लाहों ने नदी से निकाल कर मेरी जान बचाई। उस समय गगौल गांव के अवधेश यादव वहां पहुंचकर मुझे संभाला। सिमरी थानाध्यक्ष ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर घटनास्थल से बाइक जब्त कर आरोपी अशेश्वर यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
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