भाई-बहनों के प्यार का प्रतीक रक्षा बंधन आज, बाजार गुलजार

    मुजफ्फरपुर:भाई-बहनों के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन सोमवार को है। इस वर्ष भाइयों की कलाई पर राखी बांधने का अति शुभ मुहूर्त है। हालांकि, चंद्रग्रहण होने के कारण दोपहर के पहले ही राखी बांधना-बंधाना ज्यादा अच्छा है।
    इधर, इस पर्व को लेकर बहनों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। अपने-अपने भाई की पसंद की राखी लेने के लिए वह रविवार रात तक बाजार में डटी रहीं। उधर, मिठाई समेत गिफ्ट कपड़े की दुकानों पर भी रात तक भीड़ देखी गई। शहर से लेकर गांव तक इस पर्व का उल्लास देखा जा रहा है। कई बहनों ने बताया कि वह अपने भाई के लिए स्वयं ही तरह-तरह के पकवान बनाएंगी।
    बाजार में पिछले साल की अपेक्षा इस साल ज्यादा वेरायटी की राखियां दिखीं। मूल्य में भी 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। 150 से अधिक वेरायटी की राखियाें में 10 से लेकर 1000 रुपए तक की राखियां उपलब्ध हैं। कार्टून कैरेक्टर सहित भगवान श्रीकृष्ण, गणेश हनुमान की राखियां बच्चों को खूब लुभा रही हैं। बड़ों के लिए सफेद मोती, जरी, फैंसी जरी के साथ-साथ मेटल, स्टोन, कुंदन और नग वाली राखियां बाजार में खूब बिकीं।
    पूजा की थालियां भी खूब बिकीं : राखीसजाने के लिए पूजा की थालियां भी खूब बिकीं। इन थालियों में कुमकुम, चंदन, धागा, रोली सब एक साथ रख कर इसे विशेष राखी के लिए तैयार किया गया है। ये थालियां राखी सजा कर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
    दूध-पनीर की रही किल्लत रात में मिठाई भी खत्म
    रक्षाबंधनपर पकवान मिठाई बनाने के लिए दूध-पनीर की काफी किल्लत रही। रविवार सुबह में सुधा पार्लर पर दूध पनीर के लिए लंबी लाइन लगी रही। अधिकतर ग्राहकों को पनीर नहीं मिल सकी। कुछ ही देर में दूध का स्टॉक भी समाप्त हो गया। शाम में भी अधिकतर दूध पार्लरों पर दूध नहीं मिला। हालांकि सुधा डेयरी प्रबंधन ने कहा कि दूध-पनीर की किल्लत नहीं हुई। पर्याप्त व्यवस्था थी। उधर, रात होते-होते मिठाई दुकान के काउंटरों से मिठाई भी खाली हो गए। ग्राहकों को कई दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। अनुमान के मुताबिक जिले में 50 लाख की मिठाइयां बिकीं।
    आज2.30 लाख ली. दूध की मांग
    सोमवारको 2 लाख 30 हजार लीटर दूध की डिमांड की गई है। पिछले साल से यह 15 % अधिक है। तिमुल सूत्रों की मानें तो दूध की अधिक डिमांड होने से पनीर अन्य उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। रविवार को सुधा का पनीर नहीं मिला। बालूशाही, गुलाब जामुन, पेड़ा मिलने में भी परेशानी हुई।

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