हाल ही में तमिलनाडु के Kalpakkam Nuclear Power Plant में बने Prototype Fast Breeder Reactor (PFBR) ने क्रिटिकलिटी (Criticality) हासिल कर ली है। यह भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
यह रिएक्टर भारत को भविष्य में अधिक बिजली, ऊर्जा सुरक्षा और नई परमाणु तकनीक देने में मदद करेगा।
इस लेख में हम आसान भाषा में समझेंगे:
- PFBR Reactor क्या है
- क्रिटिकलिटी क्या होती है
- यह रिएक्टर कैसे काम करता है
- भारत के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
PFBR Reactor क्या है?
PFBR (Prototype Fast Breeder Reactor) एक उन्नत प्रकार का परमाणु रिएक्टर है जो बिजली बनाने के साथ-साथ नया परमाणु ईंधन भी तैयार करता है।
यह रिएक्टर लगभग 500 मेगावाट बिजली पैदा करने की क्षमता रखता है।
इसे भारत में Bharatiya Nabhikiya Vidyut Nigam Limited ने विकसित किया है और इसका वैज्ञानिक अनुसंधान Indira Gandhi Centre for Atomic Research द्वारा किया गया है।
क्रिटिकलिटी (Criticality) क्या होती है?
परमाणु रिएक्टर में क्रिटिकलिटी वह अवस्था होती है जब परमाणु विखंडन (Nuclear Fission) की प्रक्रिया स्थिर और लगातार चलने लगती है।
सरल शब्दों में:
- परमाणु ईंधन टूटता है
- इससे न्यूट्रॉन निकलते हैं
- ये न्यूट्रॉन और परमाणुओं को तोड़ते हैं
- यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है
जब यह प्रक्रिया संतुलित और नियंत्रित हो जाती है, तब रिएक्टर को क्रिटिकल कहा जाता है।
यह किसी भी परमाणु रिएक्टर के संचालन का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है।
Fast Breeder Reactor कैसे काम करता है?
Fast Breeder Reactor सामान्य परमाणु रिएक्टर से अलग होता है क्योंकि यह:
✔ बिजली भी बनाता है
✔ नया परमाणु ईंधन भी तैयार करता है
इसके काम करने की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है:
1. परमाणु ईंधन
रिएक्टर में प्लूटोनियम और यूरेनियम का उपयोग किया जाता है।
2. परमाणु विखंडन
जब परमाणु टूटते हैं तो न्यूट्रॉन और ऊर्जा निकलती है।
3. नया ईंधन बनना
ये न्यूट्रॉन यूरेनियम-238 से टकराते हैं जिससे प्लूटोनियम-239 बनता है।
यही कारण है कि इसे Breeder Reactor कहा जाता है, क्योंकि यह नया ईंधन “पैदा” करता है।
इसमें पानी की जगह सोडियम क्यों इस्तेमाल होता है?
सामान्य रिएक्टरों में पानी का उपयोग किया जाता है, लेकिन Fast Breeder Reactor में लिक्विड सोडियम का उपयोग होता है।
इसके कारण:
- गर्मी जल्दी ट्रांसफर होती है
- न्यूट्रॉन धीमे नहीं होते
- रिएक्टर ज्यादा कुशल बनता है
भारत के लिए PFBR क्यों महत्वपूर्ण है?
PFBR भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक बड़ा कदम है।
1. ऊर्जा सुरक्षा
यह भविष्य में भारत को अधिक बिजली उत्पादन में मदद करेगा।
2. थोरियम कार्यक्रम
भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े थोरियम भंडार हैं और PFBR भविष्य में थोरियम आधारित रिएक्टरों का रास्ता खोलता है।
3. उन्नत परमाणु तकनीक
Fast Breeder Reactor तकनीक बहुत कम देशों के पास है।
4. स्वच्छ ऊर्जा
परमाणु ऊर्जा से कम कार्बन उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण को कम नुकसान होता है।
भारत का 3-Stage Nuclear Program
भारत का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम तीन चरणों में विकसित किया गया है:
Stage 1
यूरेनियम आधारित रिएक्टर
Stage 2
Fast Breeder Reactor (जैसे PFBR)
Stage 3
थोरियम आधारित रिएक्टर
PFBR इस कार्यक्रम के दूसरे चरण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आसान उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपके पास 10 किलो बीज हैं।
साधारण रिएक्टर
10 किलो बीज → फसल → बीज खत्म
Fast Breeder Reactor
10 किलो बीज → फसल → 15 किलो नए बीज
यानी ईंधन खत्म होने की बजाय बढ़ जाता है।
निष्कर्ष
कलपक्कम में PFBR का क्रिटिकल होना भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
यह तकनीक भविष्य में भारत को:
- अधिक ऊर्जा
- बेहतर परमाणु तकनीक
- स्वच्छ बिजली
प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह प्रोजेक्ट कौन चला रहा है
इस रिएक्टर का निर्माण और संचालन Indira Gandhi Centre for Atomic Research और Bharatiya Nabhikiya Vidyut Nigam Limited द्वारा किया जा रहा है।
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