बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद शराबबंदी कानून को लेकर सियासी घमासान चरम पर है। विपक्ष लगातार इस कानून की नाकामी पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में अब यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और राज्य में किसी नए मुख्यमंत्री के पदभार संभालने के बाद शराबबंदी कानून की समीक्षा की जाएगी या इसमें कोई संशोधन किया जाएगा? इन सवालों का जवाब देते हुए नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी और बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने दो स्पष्ट किया है कि बिहार में शराबबंदी महज एक कानून नहीं, बल्कि एक मिशन है।
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— Mithilanchal News टीम
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