नीतीश के बाद बिहार: नए मुख्यमंत्री के सामने बड़ी परीक्षा,पलायन और विकास पर होगा असली इम्तिहान

Bihar Politics 1990 में जब लालू प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री का पद संभाला था और कांग्रेस के लगातार चले आ रहे शासन को तोड़ा था। लालू प्रसाद के बाद नीतीश कुमार 2005 में बिहार के मुख्यमंत्री बने। नीतीश कुमार के बाद अब एक बार फिर करीब 36 साल बाद राष्ट्रीय पार्टी के पास जा रही है। अब पटना नहीं, बल्कि दिल्ली से ही सारे फ़ैसले लिए जाएँगे। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर जो भी बैठेगा, वह अब अंतिम फ़ैसला लेने वाला नहीं होगा। उसे – चाहे वह पुरुष हो या महिला – दिल्ली में बैठे आलाकमान के निर्देशों का पालन करना होगा। लालू और नीतीश कुमार को जिस तरह की राजनीतिक स्थिरता और लंबा कार्यकाल मिला था, वह शायद नए मुख्यमंत्री को विरासत में न मिले। उन्हें हर तरफ़ से चौकन्ना रहना होगा और दूसरे दावेदारों पर भी नज़र रखनी होगी, जो उनके ज़रा-सी भी चूक करने का इंतज़ार कर रहे होंगे।

स्पष्टीकरण:
https://mithilanchalnews.in पर प्रकाशित कुछ समाचार विभिन्न समाचार स्रोतों की RSS फ़ीड से स्वचालित रूप से लिए जाते हैं। यह सामग्री संबंधित मूल स्रोत की है और इसकी सत्यता, अद्यतन स्थिति या मौलिकता के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।

यदि किसी स्रोत या प्रकाशक को कोई आपत्ति हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें। हम शीघ्र उचित कार्रवाई करेंगे।

Mithilanchal News टीम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *