बिहार के गोपालगंज से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो प्रशासनिक व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। दिव्यांग बच्ची सोनी कुमारी, जो अपने हौसले और संघर्ष के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा में आई थी, अब एक बार फिर सुर्खियों में है। लेकिन इस बार, इसका कारण उसे मिली मदद नहीं, बल्कि मदद के नाम पर उसके साथ किया गया मजाक है। जिला प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया पर वाहवाही लूटने के लिए सोनी को जल्दबाजी में जो ट्राइसाइकिल दी गई थी, वह सिर्फ तीन दिनों में ही कबाड़ बन गई।
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— Mithilanchal News टीम
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