मुजफ्फरपुर :बहुचर्चितऋषभ राज हत्याकांड में फांसी की सजा पाए एक लाख के इनामी चंदन चौधरी को पटना एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। वह साढ़े चार साल पहले दिल्ली ले जाते समय बक्सर में ट्रेन से कूद कर फरार हो गया था। उसी के कुछ दिनों बाद पुलिस मुख्यालय ने इनाम की घोषणा की थी। उल्लेखनीय है कि बोचहां थाना के मैदापुर में व्यवसायी दिलीप चौधरी के चार साल के बेटे ऋषभ राज को अगवा कर उसकी हत्या कर दी थी गई थी। वारदात 2006 की है। ऋषभ का शव पड़ोसी चंदन चौधरी के घर से पुलिस ने ताला तोड़ कर बरामद की थी। पुरानी रंजिश में ऋषभ राज की हत्या की गई थी। हत्याकांड में तीन सगे भाइयों चंदन चौधरी, राधेश्याम चौधरी और विनोद चौधरी के साथ विश्वनाथ चौधरी की गिरफ्तारी हुई थी। चंदन, राधेश्याम विनोद चौधरी को सिविल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। फांसी की सजा होने के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस चंदन चौधरी को आर्म्स एक्ट के एक मामले में बयान दिलाने दिल्ली ले जा रही थी। इसी दौरान वह पुलिस को चकमा देकर बक्सर में ट्रेन से कूद कर भाग निकला। थानेदार से लेकर डीजीपी तक गुहार लगाने के बाद भी जब चंदन की गिरफ्तारी नहीं हो सकी, तो ऋषभ राज के पिता ने मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया। तत्कालीन एसएसपी रंजीत कुमार मिश्र की अनुशंसा पर पुलिस मुख्यालय ने चंदन चौधरी की गिरफ्तारी पर एक लाख का इनाम घोषित किया। चंदन चौधरी की गिरफ्तारी नहीं होने पाने के कारण ऋषभ के परिजनों को बॉडीगार्ड मिला हुआ है। अब उसकी गिरफ्तारी से ऋषभ के परिजनों ने राहत की सांस ली है।
हाईकोर्ट से मिल चुकी है अभियुक्तों को राहत
ऋषभहत्याकांड में फरार चल रहे चंदन चौधरी को छोड़ कर बाकी आरोपियों को हाईकोर्ट बड़ी कर चुका है। ऋषभ के पिता दिलीप चौधरी का कहना है कि हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद उन्होंने जनवरी 17 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अभी वहां सुनवाई का इंतजार है
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