भरत तिवारी एनकाउंटर से बदले जातीय और राजनीतिक समीकरण, बढ़ा सियासी टकराव

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने भोजपुर के बाद अब पूरे बिहार में एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। यह मामला अब केवल पुलिस कार्रवाई या न्यायिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है। इस एनकाउंटर के बाद राज्य में लंबे समय से एक-दूसरे के राजनीतिक और सामाजिक विरोधी माने जाने वाले यादव और सवर्ण समुदायों के बीच नजदीकी बढ़ती दिखाई दे रही है। यादव समुदाय की ओर से संवाद और सहयोग की पहल की गई है, वहीं सवर्ण समुदाय ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए इसे स्वीकार किया है।

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