बिहार के नालंदा ज़िले के रहने वाले नीतीश कुमार ने 1977 का चुनाव हारने के बाद पटना के डाक बंगला चौक स्थित एक कॉफी हाउस में पत्रकार सुरेंद्र किशोर के साथ से बातचीत के दौरान ऐलान किया था कि वह एक दिन ज़रूर मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने मेज पर हाथ पटकते हुए आत्मविश्वास के साथ कहा था कि मुख्यमंत्री बनने के बाद बेहतर काम करेंगे। उस समय नीतीश कुमार हरनौत विधानसभा से चुनाव हार चुके थे, लेकिन उनका आत्मविश्वास बरकरार था। उन्होंने दृढ़ता से कहा था कि वह एक दिन चुनाव ज़रूर जीतेंगे। नीतीश कुमार 1974 के जेपी आंदोलन से उभरकर सामने आए थे। हालांकि, उन्होंने देखा कि उनके साथी लालू प्रसाद महज़ 29 साल की उम्र में छपरा से सांसद बन गए, जबकि अपेक्षाकृत कम चर्चित मिथिलेश कुमार सिंह भी विधायक चुने गए थे।
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