बिहार के वीर सपूत हवलदार सीताराम राय ने जम्मू-कश्मीर के बर्फीले पहाड़ों के बीच आतंकवादियों से लड़ते हुए अपनी मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह समस्तीपुर स्थित उनके पैतृक गांव लोदीपुर पहुंचा। जैसे ही सेना का वाहन गांव की सीमा में दाखिल हुआ, पूरा इलाका ‘सीताराम राय अमर रहें’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। 22 वर्षों तक देश के बॉर्डर की रक्षा करने वाला यह 40 वर्षीय जांबाज सिपाही आज तिरंगे में लिपटा हुआ, आखिरी बार अपने घर लौटा। शहीद को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा।
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