लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर तेजस्वी यादव और संजय यादव का बिना नाम लिए तंज कसा है। रोहिणी आचार्य अपने सोशल साइट फेसबुक पर अपने पोस्ट में लिखा है कि बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी “बड़ी विरासत” को तहस – नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, “अपने” और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी “नए बने अपने” ही काफी होते हैं .. उन्होंने आगे लिखा है कि हैरानी तो तब होती है , जब “जिसकी” वजह से पहचान होती है , जिसकी वजह से वजूद होता है , उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर “अपने” ही आमादा हो जाते हैं .. रोहिणी आचार्य ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह की कविता की पंक्ति की चर्चा कर तंज कसते हुए आगे लिखा विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है ..तब “विनाशक” ही आँख – नाक और कान बन बुद्धि – विवेक हर लेता है ..
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