वेटर की नौकरी… ग्राहकों की बदतमीजी सहते हुए लंबे संघर्ष के बाद ऑस्‍ट्रेलिया रेड बॉल क्रिकेट में इस भारतीय का डेब्‍यू

Nikhil Chaudhary Story of Struggles: कहते हैं जहां चाह होती है, राह भी वहीं होती है। किसी को यूं ही आसानी से मंजिल मिल जाती है तो किसी को कड़ा संघर्ष करना पड़ता है, कुछ ऐसी ही कहानी है पंजाब के क्रिकेटर निखिल चौधरी की। भारत के इस बेटे ने अब ऑस्‍ट्रेलिया घरेलू क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। 29 वर्षीय निखिल चौधरी हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में प्रथम श्रेणी क्रिकेटर बन गए हैं। ये उपलब्धि हासिल करने वाले वह दूसरे भारतीय हैं। उनसे पहले रुसी सुरती 1972 में अपने करियर के अंतिम दौर में क्वींसलैंड के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले टेस्ट खिलाड़ी थे।Nikhil Chaudhary Story of Struggles: कहते हैं जहां चाह होती है, राह भी वहीं होती है। किसी को यूं ही आसानी से मंजिल मिल जाती है तो किसी को कड़ा संघर्ष करना पड़ता है, कुछ ऐसी ही कहानी है पंजाब के क्रिकेटर निखिल चौधरी की। भारत के इस बेटे ने अब ऑस्‍ट्रेलिया घरेलू क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। 29 वर्षीय निखिल चौधरी हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में प्रथम श्रेणी क्रिकेटर बन गए हैं। ये उपलब्धि हासिल करने वाले वह दूसरे भारतीय हैं। उनसे पहले रुसी सुरती 1972 में अपने करियर के अंतिम दौर में क्वींसलैंड के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले टेस्ट खिलाड़ी थे।  

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