भारतीय बैडमिंटन की वो आंधी, जिसने साइना और सिंधु के बाद जगाई है ओलंपिक में मेडल की उम्मीद

लंदन ओलंपिक 2012 में साइना नेहवाल ने बैडमिंटन में भारत को पहला मेडल दिलाया। पदक का रंग भले ही ब्राउन रहा हो लेकिन इस ऐतिहासिक क्षण ने कई युवाओं को इस खेल के प्रति आकर्षित किया। 2016 रियो ओलंपिक खेलों में भारत ने बैडमिंटन में अपना दूसरा मेडल हासिल किया और इस बार पदक का रंग भी बदला और पदक दिलाने वाली भी। पीवी सिंधु फाइनल में कैरोलिना मारिन से हारने के बाद रजत जीता। टोक्यो में भी सिंधु ने मेडल जीता और पेरिस ओलंपिक में लक्ष्य सेन ने सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। हालांकि वह मेडल से चूक गए।लंदन ओलंपिक 2012 में साइना नेहवाल ने बैडमिंटन में भारत को पहला मेडल दिलाया। पदक का रंग भले ही ब्राउन रहा हो लेकिन इस ऐतिहासिक क्षण ने कई युवाओं को इस खेल के प्रति आकर्षित किया। 2016 रियो ओलंपिक खेलों में भारत ने बैडमिंटन में अपना दूसरा मेडल हासिल किया और इस बार पदक का रंग भी बदला और पदक दिलाने वाली भी। पीवी सिंधु फाइनल में कैरोलिना मारिन से हारने के बाद रजत जीता। टोक्यो में भी सिंधु ने मेडल जीता और पेरिस ओलंपिक में लक्ष्य सेन ने सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। हालांकि वह मेडल से चूक गए।  

स्पष्टीकरण:
https://mithilanchalnews.in पर प्रकाशित कुछ समाचार विभिन्न समाचार स्रोतों की RSS फ़ीड से स्वचालित रूप से लिए जाते हैं। यह सामग्री संबंधित मूल स्रोत की है और इसकी सत्यता, अद्यतन स्थिति या मौलिकता के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।

यदि किसी स्रोत या प्रकाशक को कोई आपत्ति हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें। हम शीघ्र उचित कार्रवाई करेंगे।

Mithilanchal News टीम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *