#/Article “माँ-बाप”..ज़रा सोंचियेगा ज़रूर…..
कितना अच्छा लगता है अपने माँ-बाप का बचपन देखने में , अरे….मेरा मतलब है उनका बुढ़ापा देखने में ! क्यों उन्होंने हमारा बचपन देखा है तो हमारा भी हक़ है कि हम उन्हें बच्चा बनते देखें ! हमने अपने बचपन में उनसे बड़े ही अजीबोगरीब सवाल किए हैं और उन्होंने ज्ञानी बाबा की तरह हमें…


