​क्या आप कैलेंडर छोड़ सकते हैं ?नया साल , नया आग़ाज़ , सब कुछ नया है , पर कहाँ है ?


    (रेशमा खातून/पटना): हमारे देश में विभिन्न धर्मों , भाषाओं , वेश-भूषा , कार्य शैली , और विभिन्न कामों को करने वाले लोगों का वास है , फ़िर भी अनेकता में एकता की एैसी मिसाल हमारे देश भारत के अलावा कहीं और देखने को नहीं मिलती !

    बिते दिनों जब ग्रेगोरी कैलंडर इयर बदला जा रहा था तब ३१ दिसम्बर की रात को हमेशा की तरह लोग एक दूसरे को हैप्पी न्यू इयर ,नव वर्ष की शुभ कामनायें कह कर मुबारक बादियां दे रहे थे जिसमें फ़ेस बुक पर कुछ अजीब अनोखे पोस्ट भी सामने अाए जो कुछ इस तरह थे – मै मुस्लिम हुं ये नया साल मेरा नहीं ,हिंदू धर्म में ये नया साल नहीं है ,बहुत सारे कड़वे शब्द और न्यू इयर विश करने वालों पर कटाक्ष एैसे थे जैसे न्यू इयर विश ना हुआ दुनिया का सबसे बड़ा एैब हो गया !

    इस बात पर पब्लिक सर्वे तो बनता था ,इस सर्वे में मौखिक , लिखित रूप में लोगों ने खुल कर बात की जिसमें सभी की राय लगभग एक सी ही थी !

    सभी ने माना की न्यू इयर के नाम पर शराब और शबाब का इंतज़ाम कर शराफ़त का मखौल उड़ाया जाता है जो सौ फ़ीसदी ग़लत है !

    हाँ अगर बात सिर्फ़ न्यू इयर विश करने की है तो नया साल मुबारक कहने और लिखने में कोई बुराई नहीं !

    हम जिस समय में रह रहें हैं  इसमें हम अपने पर्व-त्योहार विक्रम संवत् और हिजरी सन् से ज़रूर मनाते हैं पर हमारे सारे सामाजिक काम विधिवत् रूप से ग्रेगोरी कैलंडर से ही पूर्ण किए जाते हैं !

    शादी-विवाह , रिसेपश्न , जन्मदिन की पार्टी , एडमिशन डेट , आधार कार्ड , किसी ख़ास समारोह का आयोजन , कोई एतिहासिक घटना इत्यादि हम यह कह कर नहीं बताते कि समारोह विक्रम संवत् के सावन मास के शुक्ल पक्ष के चौथे दिन है या हिजरी सन् ग्यारहवीं की छ: तारीख़ को है !




    ना ये कैलंडर डेट कोई ध्यान देता है और ना ही ये किसी को याद रहते हैं , हद तो तब हो जाती है जब लोग कौन सा साल और कौन सा महीना चल रहा है  ये तक भूल बैठते हैं !

    अब मनुष्य की मन: स्थिति ही कुछ एैसी है , इसमें किया ही क्या जा सकता है ?

    हम हमारे विभिन्नता वाले इस भारत देश में अपने सभी काम ग्रेगोरी कैलंडर से ही बताते हैं ताकी कोइ कन्फ़ियोज़न क्रीयेट ना हो !

    अब रही बात न्यू इयर के दिन होने वाले हंगामे की तो जिन्हें ये सब करना होता है वो ३६५ दिन पार्टी, हंगामे करते रहते हैं , बस ग्रेगोरी कैलंडर इयर बदलने वाले दिन इसे खुले रूप में पेश किया जाता है !

    हमें यह सब नहीं पसंद , हम नहीं करेंगे !

    पर कैलंडर इयर बदलने की याद के लिए न्यू इयर विश तो बनता है !

    अगर आप अब भी सवाल उठाने के लिए तत्पर बैठे हैं  तो केवल एक प्रश्न का उत्तर दीजिये !

    क्या आप ग्रेगोरी कैलंडर को पूरी तरह छोड़ सकते हैं ,इसका पूर्णतः त्याग कर सकते हैं ??

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