मीडिया खबरों में ‘दलित’ शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग संबंधी याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता को पहले इस मुद्दे पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) में जाने को कहा। साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या खबरों में ‘दलित‘ शब्द का प्रयोग गैरकानूनी है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने बगैर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया में आवेदन किए कोर्ट में याचिका दाखिल की है। ऐसे में इस याचिका को रद्द किया जाता है। पीठ ने याचिकाकर्ता को इस संबंध में पीसीआई में एक शिकायत देने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि इस संबंध में उसको शीघ्रता से फैसला किया जाना चाहिए।
पीठ ने याचिकाकर्ता प्रेम कुमार सिंह से पूछा, ‘अवैधता कहां है? क्या ये कानून के तहत प्रतिबंधित है?’ सुनवाई के दौरान पीसीआई के वकील ने कहा कि मीडिया निगरानी संस्था इस तरह के शब्दों को बढ़ावा नहीं देती और अगर इसका प्रयोग हुआ है तो वो केवल किसी संदर्भ में है।
बता दें कि याचिका में खबरों व आलेखों में ‘दलित’ शब्द के इस्तेमाल से मीडिया संस्थाओं को रोकने की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया कि इससे समाज में असमानता पैदा होती है। याचिकाकर्ता के मुताबिक खबरों के प्रसारण के दौरान ‘दलित’ शब्द के प्रयोग से प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को रोकने के लिए प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को आदेश दिया जाए।
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