झंझारपुर:चंपारणसत्याग्रह शताब्दी यात्रा पर निकले यात्री दल का रविवार को झंझारपुर में भव्य स्वागत किया गया। उनके सम्मान में स्थानीय जानकी विवाह भवन में एक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। जिसमें स्थानीय स्तर के कई बुद्धिजीवियों, लेखकों, साहित्यकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं अन्य लोगो ने भाग लेकर अपने अपने विचार रखे तथा यात्रा पर निकले यात्री का स्वागत किया। संगोष्ठी में पांच विषयों चंपारण सत्याग्रह का आजादी की लड़ाई में योगदान, किसान और किसानी की समस्या, बिहार में शिक्षा की स्थिति, राष्ट्रीय एकता पर खतरा एवं संविधान के बुनियादी सिद्धांत पर मौजूद लोगों से उनकी राय मांगी गई।
संगोष्ठी का आयोजन स्वराज्य अभियान एवं राष्ट्र सेवा दल के द्वारा किया गया। चंपारण सत्याग्रह के सौ साल पूरा होने पर चंपारण सत्याग्रह शताब्दी यात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा बीते 5 सितंबर से मुजफ्फरपुर से प्रारंभ हुई है, जो 24 सितंबर को मोतिहारी में समाप्त होगी। यात्रा में साथ आये जत्था के नेतृत्वकर्ता शाहिद कमाल ने कहा कि यात्रा के बाद संगोष्ठी में जो भी विचार विद्वानों के द्वारा आया है, उसे राष्ट्रपति को राष्ट्रहित में सौंपा जाएगा ताकि देश में विभिन्न तरह की कमी को दूर करने के लिये उपाए किए जा सकें। जत्था के लोगों का स्वागत सेवा दल के कामेश्वर कामति, अर्जुन मंडल, सुनील कुमार मंडल, रामबहादुर यादव, चुल्हाई कामत, देवनाथ देवन, कुंदन कुमार, विदेश्वर मंडल, रमणजी, अरूण चौधरी, मो. इम्तियाज आदि ने किया।
https://mithilanchalnews.in पर प्रकाशित कुछ समाचार विभिन्न समाचार स्रोतों की RSS फ़ीड से स्वचालित रूप से लिए जाते हैं। यह सामग्री संबंधित मूल स्रोत की है और इसकी सत्यता, अद्यतन स्थिति या मौलिकता के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।
यदि किसी स्रोत या प्रकाशक को कोई आपत्ति हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें। हम शीघ्र उचित कार्रवाई करेंगे।
— Mithilanchal News टीम


