बेनीपट्टी:रोहतासजिले के काराकाट (गोड़ारी) थाना क्षेत्र के शहरी गांव के पूर्व दारोगा रंगबहादुर सिंह के पुत्र कमलेश कुमार सिंह सोमवार की रात पटना से बेनीपट्टी आने के दौरान बस में नशाखुरानी गिरोह के शिकार हो गए। बेहोशी अवस्था में कमलेश कुमार सिंह का इलाज बेनीपट्टी पीएचसी में चल रहा है। इस संबंध में बेनीपट्टी पुलिस इंस्पेक्टर कार्यालय में रीडर के पद पर तैनात और रिश्ते में कमलेश कुमार सिंह के चाचा परशुराम सिंह ने बताया कि बस में कमलेश के सीट के बगल में पटना में ही बैठे नशाखुरानी गिरोह के एक व्यक्ति ने कमलेश को मुजफ्फरपुर और दरभंगा के बीच स्थित एक होटल के समीप बस रुकने पर बस में बैठे अवस्था में ही चाय लाकर पिलाया और कमलेश को बेहोश कर दिया।
इसके बाद नशाखुरानी गिरोह के सदस्य ने कमलेश के हाथ और गला से 51 हजार रुपए मूल्य की सोने की अंगूठी और चेन, जेब से 600 रुपए नकद और कागजातों से भरा बैग उड़ाकर चलता बना। बस मंगलवार की सुबह बेनीपट्टी से उमगांव गई और वहां से फिर पटना वापस जाने के लिए बेनीपट्टी लौटी, फिर भी कमलेश की नींद नहीं खुली और वह सोए रहे। इस पर जब बस कर्मचारियों की नजर पड़ी तो माजरा समझ में आया।
फिर बेनीपट्टी के बस स्टैंड इंचार्ज ने कमलेश को बेहोशी अवस्था में बेनीपट्टी पीएचसी लाकर इलाज के लिए भर्ती कराया। इंस्पेक्टर कार्यालय के रीडर परशुराम सिंह ने बताया कि कमलेश दारोगा पिता की मौत के बाद अनुकंपा में नौकरी के लिए सारा कागजात तैयार कराकर बेनीपट्टी उनसे मिलने रहे थे, तभी बस में नशाखुरानी गिरोह के हत्थे चढ़ गए। उल्लेखनीय है कि कमलेश कुमार सिंह के पिता रंगबहादुर सिंह जब मधुबनी जिले के भेजा थाना में थानाध्यक्ष के पद पर तैनात थे तो उनकी मृत्यु हो गई थी।
https://mithilanchalnews.in पर प्रकाशित कुछ समाचार विभिन्न समाचार स्रोतों की RSS फ़ीड से स्वचालित रूप से लिए जाते हैं। यह सामग्री संबंधित मूल स्रोत की है और इसकी सत्यता, अद्यतन स्थिति या मौलिकता के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।
यदि किसी स्रोत या प्रकाशक को कोई आपत्ति हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें। हम शीघ्र उचित कार्रवाई करेंगे।
— Mithilanchal News टीम


