चौदह प्रखंडों के अधिकतर गांवों का प्रखंड मुख्यालय से सड़क संपर्क अब भी भंग, 22 लाख की आबादी तबाह

    दरभंगा :जिले में बागमती नदी को छोड़कर शेष नदियों का जलस्तर कम होने के बाद पानी का दबाव बांधों पर कम हुआ है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें बारहवें दिन भी जस की तस बनी हुई है। पीड़ित सड़क किनारे अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। शुक्रवार तक प्रभावित क्षेत्रों में डूबने से कुल 26 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी प्रभावित चौदह प्रखंडों के अधिकतर गांवों का आपस में प्रखंड मुख्यालय से सड़क संपर्क भंग है। नदियों के आसपास के कुल 903 गांव की लगभग 22 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ की वजह से पशु मनुष्य का अंतर लगभग मिट गया है। करीब 1.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगी फसल बर्बाद होने के कगार पर है। सबसे बुरी स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की है। क्षेत्र में राहत कार्य लगभग फेल है। प्रशासनिक अधिकारी राहत के नाम पर आंकड़ों का कागजी खेल, खेल रहे हैं।



    जिले के चौदह प्रखंड घनश्यामपुर, गौड़ाबौराम, तारडीह, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, किरतपुर, केवटी, जाले, सिंहवाड़ा, सदर, बहादुरपुर, हनुमाननगर, अलीनगर, हायाघाट बहेड़ी प्रखंड पूरी तरह से प्रभावित हैं। कई जगहों पर बांध टूटने के कारण इलाके जलमग्न हुए थे लेकिन उन क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से घट रहा है। जिले के सदर, घनश्यामपुर, केवटी, जाले, सिंहवाड़ा, तारडीह, किरतपुर प्रखंड में बाढ़ का पानी घटा है। प्रशासन की ओर से राहत के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। राहत के नाम पर बनी खिचड़ी या चावल, दाल, सब्जी सभी पीड़ितों को नहीं मिल पा रही है।

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