मुजफ्फरपुर :रजवाड़ा में बूढ़ी गंडक का दायां बांध टूटने के बाद मुशहरी के तीन मनों ने बड़ी विभीषिका को टाला। शनिवार की रात से रविवार सुबह आठ बजे तक मनिका मन बाढ़ का पानी खींचता रहा। मन भरने के बाद लीची अनुसंधान केंद्र परिसर और इसके पीछे से हो कर रोहुआ मन में पुलिया के रास्ते पानी गिरना शुरू हुआ। रोहुआ मन भरने के बाद पानी कन्हौली मन में भरना शुरू होगा। फिर पानी मुख्य शहर के मालीघाट और खादी भंडार इलाके की ओर प्रवेश कर सकता है। लेकिन, अब तक कुल मिला कर मुख्य शहर तक पानी का प्रवेश रोकने और भीषण बर्बादी से बचाने में तीनों ही मन की भूमिका अहम रही है। तीनों ही मन बूढ़ी गंडक की पुरानी धारा पर हैं। इधर, प्रशासन ने एहतियातन शहर के इस क्षेत्र से लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है।
रविवार की देर रात तक यानी तटबंध टूटने के करीब 24 घंटे बाद तक इन मन के कारण ही बाढ़ का पानी रजवाड़ा, मुशहरी, रोहुआ और मनिका से कोठिया तक ही पहुंच सका। हालांकि, पानी का तेज प्रवाह को मनिका मन भरने के बाद लीची अनुसंधान केंद्र की चहारदीवारी को तोड़ते हुए सुबह आठ बजे से पुलिया के रास्ते रोहुआ मन में गिरने लगा। देर रात तक रोहुआ मन भरने के बाद भी शहर में पानी का प्रवेश कन्हौली मन की वजह से रुका रहा। वैसे तीनों मन भरने के बाद पानी का प्रवाह सोमवार को बीएमपी-6 के पीछे से शहर के मालीघाट, खादी भंडार और गोशाला तक पहुंचने का अंदेशा है।
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