12 साल में दूसरी बार टीम इंडिया ने चैंपियन बनने का मौका गंवाया

    रविवार को क्रिकेट के मक्का लॉर्ड्स में भारतीय महिलाएं इतिहास रचने में असफल रहीं. फाइनल में टीम इंडिया को मेजबान इंग्लैंड ने 9 रन से मात दी. महिला वर्ल्ड कप के 44 साल के इतिहास में टीम इंडिया के पास पहली बार वर्ल्ड कप चैंपियन बननेे का मौका था. सबसे बढ़कर भारतीय टीम इस लॉर्ड्स में दूसरा वर्ल्ड कप हासिल करने से चूक गई. 34 साल पहले भारतीय पुरुषों ने कपिल देव की कप्तानी में पहला वर्ल्ड कप जीतकर दुनिया को हैरान कर दिया था, लेकिन मिताली ब्रिगेड यह कारनामा दोहरा नहीं पाई.

    पूनम राउत ने 86 रन बनाए.

    12 साल पहले भी मिताली की ही कप्तानी में भारतीय टीम ने खिताब जीतने का मौका गंवा दिया था. इस बार टीम इंडिया के जोशीले प्रदर्शन ने उसे ट्रॉफी तक पहुंचने की उम्मीद थी. फाइनल में झूलन गोस्वामी ( 10-3-23-3) ने शानदार गेंदबाजी की. इसके बाद पूनम राउत (86 रन) और हरमनप्रीत कौर (51 रन) की पारियों ने टीम इंडिया को मजबूती दी. लेकिन इसके बाद लगातार विकेट गिरे और 28 रन बनाने में 7 विकेट ढेर गए.  इसके साथ ही भारत के हाथ से ट्रॉफी फिसल गई.

    भारत का चैंपियन बनने का इंतजार और बढ़ गया. अपने नौवें विश्व कप में उतरी टीम इंडिया ने एक और मौका गंवाया. हालांकि यह वर्ल्ड कप के इतिहास का का यह 11वां संस्करण रहा. भारत ने शुरुआती वर्ल्ड कप 1973 के अलावा 1988 के वर्ल्ड कप में नहीं खेला था. 2005 में भारतीय टीम ने फाइनल तक का सफर जरूर तय किया था. लेकिन, तब ऑस्ट्रेलिया के हाथों उसे हार मिली थी.

    झूलन ने 3 विकेट चटकाए.

    वर्ल्ड कप 2017: टीम इंडिया का सफर, 6 जीते, 3 हारे

    1. इंग्लैंड को 35 रनों से हराया

    2. वेस्टइंडीज पर 7 विकेट से जीत मिली

    3. पाकिस्तान को 95 रनों से मात दी

    4. श्रीलंका को 16 रनों से शिकस्त दी

    5. द. अफ्रीका से 115 रनों से हार गए

    6. ऑस्ट्रेलिया ने 8 विकेट से हराया

    7. न्यूजीलैंड को 186 रनों से मात दी

    8. सेमीफाइनल : ऑस्ट्रेलिया को 36 रनों से शिकस्त दी

    9. फाइनल: इंग्लैंड ने 9 रन से हराया

    अबतक 11 महिला वनडे वर्ल्ड कप, कब कौन बना चैंपियन

    1. 1973 : इंग्लैंड विजेता (भारत इस वर्ल्ड कप में नहीं था)

    2. 1978 : ऑस्ट्रेलिया विजेता (चौथे स्थान पर)

    3. 1982 : ऑस्ट्रेलिया विजेता (चौथे स्थान पर)

    4. 1988 : ऑस्ट्रेलिया विजेता (भारत इस वर्ल्ड कप में नहीं था)

    5. 1993 : इंग्लैंड विजेता (भारत चौथे स्थान पर)

    6. 1997 : ऑस्ट्रेलिया विजेता (भारत सेमीफाइनल तक पहुंचा)

    7. 2000 : न्यूजीलैंड विजेता (भारत सेमीफाइनल तक पहुंचा)

    8. 2005: ऑस्ट्रेलिया विजेता (भारत फाइनल तक पहुंचा)

    9. 2009: इंग्लैंड विजेता (भारत तीसरे स्थान पर )

    10.2013: ऑस्ट्रेलिया विजेता (भारत सातवें स्थान पर )

    11.2017: इंग्लैंड विजेता (भारत उपविजेता)

    आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2017 का फाइनल मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच क्रिकेट के मक्का “द लॉर्ड्स” में खेला जा रहा है. पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की टीम ने 228 रन बनाए और भारत को जीत के लिए 229 रनों का लक्ष्य दिया. जवाब में लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 26.2 ओवर में 2 विकेट गंवा कर 100 रन बना लिए हैं. पूनम राउत (44 रन) और हरमनप्रीत कौर (34 रन) क्रीज पर हैं.

    इंग्लैंड ने बनाए 228/7

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की टीम ने 50 ओवर में 7 विकेट गंवा कर 228 रन बनाए और भारत को जीत के लिए 229 रनों का लक्ष्य दिया. इंग्लैंड की ओर से नताली स्काइवर ने 51 और सारा टेलर ने 45 रन की इनिंग खेली. भारत की ओर से झूलन गोस्वामी ने 3/23 विकेट लेकर सबसे सफल रहीं, वहीं पूनम यादव ने 2/36 विकेट लिए. इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और भारत को पहले गेंदबाजी करने के लिए आमंत्रित किया . दोनों टीमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

    झूलन ने लिए 3 विकेट

    टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी इंग्लैंड को ब्यूमोन्ट और विनफील्ड ने अच्छी शुरुआत दी. दोनों ने पहले विकेट के लिए 47 रन जोड़े.मेजबान टीम को पहला झटका 11.1 ओवर में राजेश्वरी गायकवाड़ ने दिया. जब उन्होंने लॉरेन विनफील्ड (24) को बोल्ड कर दिया.

    कुछ देर बाद ही पूनम यादव बॉलिंग करने आईं और आते ही उन्होंने दूसरी सेट बल्लेबाज ब्यूमोन्ट (23) का विकेट ले लिया.ब्यूमोन्ट 14.3 ओवर में यादव की बॉल पर झूलन गोस्वामी को कैच दे बैठीं. 3 रन बाद ही एक विकेट और गिर गया. जब 16.1 ओवर में पूनम यादव ने हीथर नाइट  (1) को एलबीडब्लू करके इंग्लैंड को तीसरा झटका दिया.

    इसके बाद सारा टेलर और नताली स्काइवर ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 83 रन की पार्टनरशिप की. खतरनाक दिख रही इस जोड़ी को झूलन गोस्वामी ने तोड़ा.झूलन ने 33वें ओवर में 146 के स्कोर पर लगातार दो बॉल पर दो विकेट लेकर मेजबान टीम को प्रेशर में ला दिया. इस ओवर की चौथी बॉल पर उन्होंने टेलर (45) को सुषमा वर्मा के हाथों कैच करा दिया.

    सारा का विकेट लेने के बाद अगली ही बॉल पर उन्होंने नई बैट्समैन फ्रेन विल्सन को एलबीडब्लू कर इंग्लैंड का पांचवां विकेट गिराया. छठा विकेट भी झूलन गोस्वामी ने ही लिया. उन्होंने 37.1 ओवर में 164 के स्कोर पर नताली स्काइवर (51) को एलबीडब्लू कर दिया.कैथरीन ब्रंट (34) को रन आउट करके दीप्ति शर्मा ने इंग्लैंड का सातवां विकेट गिराया.

    किताब लेकर स्टेडियम पहुंचीं थीं कप्तान मिताली राज

    हर बार की तरह इस बार भी भारत की कप्तान मिताली राज मैच से पहले किताब लेकर स्टेडियम पहुंची थी.भारत ने जब अपना पहला लीग मैच इंग्लैंड के खिलाफ खेला था, तो उस मैच में मिताली भारत की पारी के दौरान अपनी बल्लेबाजी से पहले एक किताब पढ़ती हुई नजर आईं थी. ऐसे में उम्मीद होगी कि मिताली इंग्लैंड के खिलाफ लीग मैच वाला प्रदर्शन दोहराएंगी.

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