Bihar News: सदियों से समाज में एक परंपरा चली आ रही है कि पिता की अंतिम यात्रा के दौरान अर्थी को कंधा देने का काम सिर्फ बेटा ही कर सकता है। लेकिन, बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसा नजारा सामने आया है जिसने न सिर्फ इस पुरानी सोच को तोड़ा है, बल्कि समाज को एक नई दिशा भी दिखाई है। वैशाली थाना क्षेत्र के नया टोला गांव में पिता के गुजरने पर पांच बेटियों ने आगे बढ़कर बेटे वाले पारंपरिक फर्ज को निभाया। उन्होंने पिता की अर्थी को कंधा दिया और पूरे रीति-रिवाजों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।
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— Mithilanchal News टीम
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