IPL Story, Ishwar Pandey: ये किस्सा साल 2013 के आईपीएल सीजन का है, जब मध्य प्रदेश के रीवा जैसे छोटे से शहर से निकलकर एक लड़का, ईश्वर पांडे, पुणे वॉरियर्स की टीम में शामिल हुआ। मैदान पर 135 की रफ्तार से गेंद फेंकना तो उनके लिए आसान था, लेकिन फाइव स्टार होटल की उस चकाचौंध भरी दुनिया ने उन्हें हैरान कर दिया। पहली बार जब कमरे में बाथटब देखा, तो वो उलझन में पड़ गए। एक खिलाड़ी जो सिर्फ दिल से खेलना और पसीना बहाना जानता था, उसके लिए आईपीएल का ये ग्लैमर और लग्जरी किसी दूसरी दुनिया जैसा था। यहां सिर्फ खेल का ही नहीं, बल्कि भाषा का भी इम्तिहान था। विदेशी कोचों के सामने अपनी बात कहने में छूटते पसीने और अंग्रेजी न बोल पाने की वो झिझक।IPL Story, Ishwar Pandey: ये किस्सा साल 2013 के आईपीएल सीजन का है, जब मध्य प्रदेश के रीवा जैसे छोटे से शहर से निकलकर एक लड़का, ईश्वर पांडे, पुणे वॉरियर्स की टीम में शामिल हुआ। मैदान पर 135 की रफ्तार से गेंद फेंकना तो उनके लिए आसान था, लेकिन फाइव स्टार होटल की उस चकाचौंध भरी दुनिया ने उन्हें हैरान कर दिया। पहली बार जब कमरे में बाथटब देखा, तो वो उलझन में पड़ गए। एक खिलाड़ी जो सिर्फ दिल से खेलना और पसीना बहाना जानता था, उसके लिए आईपीएल का ये ग्लैमर और लग्जरी किसी दूसरी दुनिया जैसा था। यहां सिर्फ खेल का ही नहीं, बल्कि भाषा का भी इम्तिहान था। विदेशी कोचों के सामने अपनी बात कहने में छूटते पसीने और अंग्रेजी न बोल पाने की वो झिझक।
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