Bihar News: रत्नाकर अपहरण कांड में 17 साल बाद आया फैसला, अपहरणकर्ता को मिली उम्रकैद की सजा

Bihar News: बेतिया. मोतिहारी के वरीय अधिवक्ता रत्नाकर मिश्र के अपहरण कांड में 17 वर्षों के लंबे कानूनी लडा़ई लड़ने के बाद सोमवार को जिला जज चतुर्थ मानवेंद्र कुमार मिश्र की कोर्ट ने अपहर्ता राजेन्द्र चौधरी उर्फ राजेन्द्र चौहान को भादसं की धारा 364ए/34 भादवि के तहत दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने 10 हजार का जुर्माना देने का आदेश दिया. जुर्मना की राशि नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त कठोर सजा भुगतना होगा. सजा सुनाये जाने के साथ ही कोर्ट में आरोपी रो पड़ा. उसने कहा हुजूर हम निर्दोष है. हमारा एक ही बेटा है. हमे माफ कर दीजिएगा. घटना की चश्मदीद अपहृत अधिवक्ता रत्नाकर मिश्र की पत्नी रंजू देवी ने कोर्ट से फैसला आने के साथ ही कहा कि अब जाकर इंसाफ मिला है. अधिवक्ता की पत्नी रंजू देवी ने कहा कि मेरे आंखों के सामने मेरे पति को घर से खिंचकर अगवा किया गया था. कोर्ट ने कहा कि राजेंद्र यादव की अपराध जघन्य की श्रेणी में है. उसपर दर्जन भर अपराधिक कांड को अंजाम दिया है. ऐसे अभ्यस्थ अपराधी को माफ नहीं किया जा सकता.

इनके बयान ने अपहर्ता को दिलाया सजा

24 अक्तूबर 2008 को सूचक कुमारी रंजू देवी के लिखित तहरीर पर सेमरा थाना कांड संख्या 101/2008 भादसं की धारा 364ए/34 भादवि के तहत कांड दर्ज किया गया था. पुलिस ने लंबे जांच के बाद राजेन्द्र चौधरी उर्फ राजेन्द्र चौहान के विरुद्ध मामले को सत्य पाते हुए आरोप पत्र समर्पित किया गया. न्यायालय ने अभियुक्त के विरुद्ध दिनांक 08 अप्रैल.2010 को धारा 364ए/34 भादवि के अंतर्गत अपराध का संज्ञान लिया. राजेंद्र चौधरी के उपस्थिति के पश्चात कोर्ट ने 12 मार्च 2024 को अभियुक्त के विरुद्ध धारा 364ए/34 भादवि के अंतर्गत आरोप का गठन कर दिया. परशुराम यादव, कृष्णानंद झा, रत्नाकर मिश्रा व कुमारी रंजु देवी ने अपने बयान में पुख्ता साक्ष्य कोर्ट को दिया. जिसे प्रमाण मानते हुए कोर्ट ने सजा सुनाया. बचाव पक्ष की ओर से एक मौखिक साक्षी को प्रस्तुत किया गया एवं दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है.

घर का दरवाजा तोड़ कर हुआ था अपहरण

रंजु देवी का कहना है कि दिनांक 23 अक्तूबर 2008 की रात्रि में अपने पति रत्नाकर मिश्रा के साथ सोई थी. मेरे बच्चे ननिहाल मोतिहारी में रहते हैं. रात्रि करीब 10.30 बजे अचानक 4-5 अज्ञात अपराधी आये और मेरे घर का दरवाजा तोड़कर घर में से मेरे पति को पकड़कर अपने साथ ले गये. अपराधी सभी पैंट-शर्ट पहने हुए थे तथा सभी हथियार से लैस थे. अपराधियों के चले जाने के बाद अपने भैसुर नवल किशोर मिश्रा को बताई फिर गांव के लोगों को बुलाकर लाये. थाना रात्रि हो जाने के कारण सूचना नहीं दे सकी. मेरा दावा है कि अज्ञात अपराधी मेरे पति रत्नाकर मिश्रा को फिरौती के लिए अपहरण कर ले गये हैं.

राजेन्द्र के विरुद्ध पूर्व से दर्ज आपराधिक मामले

  • लौकरिया थाना कांड सं. 21/2004 दिनांक 13.05.2004, धारा 395 भादवि
  • लौकरिया थाना कांड सं. 52/06 दिनांक 19.07.06, धारा 364ए भादवि
  • लौकरिया थाना कांड सं. 86/95 दिनांक 30.11.1995, धारा 364ए/326/34 भादवि
  • लौकरिया थाना कांड सं. 53/07 दिनांक 06.06.07, धारा 364ए/337/333/323/353/307 भादवि
  • लौकरिया थाना कांड सं. 09/09 दिनांक 12.01.09, धारा 399/402/307/353/34 भादवि, 25 (1-बी)ए/26/27/35 आर्म्स एक्ट
  • सेमरा थाना कांड सं. 33/06 दिनांक 15.10.06, धारा 353/34 भादवि, 25 (1-बी)ए/26/27/35 आर्म्स एक्ट
  • सेमरा थाना कांड सं. 14/04 दिनांक 19.06.2004, धारा 364ए/34 भादवि

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