सिटी रिपोर्टर | समस्तीपुर:जिले की स्वास्थ्य सेवा को और बेहतर बनाए रखने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बदलाव को 15 अक्टूबर तक हर हाल में पूरा कर लेना है। कुछ शेष बचे कार्यों को उसके बाद पूरा किया जाएगा। इसमें एंबुलेंस की मरम्मत उसकी उपयोगिता और संचालन के अलावे पुराने एंबुलेंस को शव वाहन में तब्दील करने हस्तगत कराने की प्रक्रिया चल रही है। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में कुल 31 एंबुलेंस है। इसमें 1 हस्तगत कराया जाएगा। करीब 6 खराब पड़े एंबुलेंस को अधिकतम डेढ़ लाख रुपये खर्च कर चालू हालत में लाने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावे अस्पतालों में साफ-सफाई खाना परोसने वाली एजेंसी को गुणवत्ता का ख्याल रखना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा नहीं करने वाली एजेंसी का एकरारनामा रद्द करने के लिए सीएस को दिशा-निर्देश दिया गया है। इसके बाद ही अस्पताल के सभी विभागों में खराब पड़े पंखे एलईडी लाइट को बदल दिया गया है। 24 घंटे मरीजों की शिकायत सुनने के लिए 104 नंबर का एक कॉल सेंटर जिला अस्पताल में स्थापित करने का काम शुरू है। दवा की उपलब्धता को दर्शाने के लिए दवा काउंटर ओपीडी भवन में डिसप्ले बोर्ड के माध्यम से जानकारी देने के लिए अस्पताल प्रशासन बोर्ड का निर्माण कराने में जुटा है। ताकि मरीजों को निर्धारित समय से जानकारी मुहैया कराई जाए। अस्पताल परिसर में चिकित्सक कर्मियों के लिए रेस्ट रूम बनाने की भी चर्चा है
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