बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाला चुनाव इस बार अनुभवी नेताओं से ज्यादा राजनीतिक वारिसों की एंट्री को लेकर चर्चा में है। लगभग सभी दल अपने-अपने परिवार के सदस्यों को राजनीति में स्थापित करने की कोशिश में जुटे हैं। कोई अपने बेटे को आगे बढ़ाना चाहता है तो कोई भांजे को राजनीतिक मंच देने की तैयारी में है। यही वजह है कि यह चुनाव राजनीतिक गणित से ज्यादा राजनीतिक वारिसों के उदय का मंच बनता नजर आ रहा है।
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— Mithilanchal News टीम
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