Sunil Gavaskar Debut Hundred: वेस्टइंडीज की धरती पर गैरी सोबर्स, रोहन कन्हाई और क्लाइव लॉयड जैसे दिग्गजों से सजी एक टीम। और उनके सामने खड़ा था 21 साल का एक मुंबईकर नौजवान, जो न तो हेलमेट पहनता था, न तेज गेंदबाजों से घबराता था। तारीख थी 21 मार्च 1971, जब जॉर्जटाउन के बोर्डा ग्राउंड पर इस युवा ने तीसरे टेस्ट में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा और भारतीय क्रिकेट में एक ऐसे युग की शुरुआत की, जिसे इतिहास आज भी सुनहरे शब्दों में याद करता है। वह नौजवान कोई और नहीं, बल्कि ‘लिटिल मास्टर’ सुनील मनोहर गावस्कर थे और आज ही के दिन 55 साल पहले उन्होंने टेस्ट बैटिंग का बेंचमार्क इतना ऊंचा सेट कर दिया था कि पांच दशकों बाद भी कोई खिलाड़ी उनके रिकॉर्ड के आसपास भी नहीं पहुंच सका है।Sunil Gavaskar Debut Hundred: वेस्टइंडीज की धरती पर गैरी सोबर्स, रोहन कन्हाई और क्लाइव लॉयड जैसे दिग्गजों से सजी एक टीम। और उनके सामने खड़ा था 21 साल का एक मुंबईकर नौजवान, जो न तो हेलमेट पहनता था, न तेज गेंदबाजों से घबराता था। तारीख थी 21 मार्च 1971, जब जॉर्जटाउन के बोर्डा ग्राउंड पर इस युवा ने तीसरे टेस्ट में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा और भारतीय क्रिकेट में एक ऐसे युग की शुरुआत की, जिसे इतिहास आज भी सुनहरे शब्दों में याद करता है। वह नौजवान कोई और नहीं, बल्कि ‘लिटिल मास्टर’ सुनील मनोहर गावस्कर थे और आज ही के दिन 55 साल पहले उन्होंने टेस्ट बैटिंग का बेंचमार्क इतना ऊंचा सेट कर दिया था कि पांच दशकों बाद भी कोई खिलाड़ी उनके रिकॉर्ड के आसपास भी नहीं पहुंच सका है।
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