32 शतक और 42 अर्धशतक, घरेलू क्रिकेट में मचाया धूम, लेकिन 2 मैच बाद टीम इंडिया से हुए ड्रॉप

साल था 2008, भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका दौरे पर जा रही थी। सचिन तेंदुलकर उस सीरीज का हिस्सा नहीं थे। टीम इंडिया को उनकी जगह एक बल्लेबाज की जरूरत थी। उस समय दिलीप वेंगसरकर मुख्य चयनकर्ता थे। उनके पास एस बद्रीनाथ और विराट कोहली के रूप में दो विकल्प थे। वेंगसरकर ने कोहली को मौका दिया। उनके इस फैसले ने भारतीय क्रिकेट को नए तरीके से परिभाषित किया।साल था 2008, भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका दौरे पर जा रही थी। सचिन तेंदुलकर उस सीरीज का हिस्सा नहीं थे। टीम इंडिया को उनकी जगह एक बल्लेबाज की जरूरत थी। उस समय दिलीप वेंगसरकर मुख्य चयनकर्ता थे। उनके पास एस बद्रीनाथ और विराट कोहली के रूप में दो विकल्प थे। वेंगसरकर ने कोहली को मौका दिया। उनके इस फैसले ने भारतीय क्रिकेट को नए तरीके से परिभाषित किया।  

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