सुशिक्षा अभी भी सफर में बच्चों का भविष्य अधर में!

    करीब 12 बजे होंगे मैं किसी काम से घर से निकला था और अपनी बाइक राजकीय माध्यमिक विद्यालय के गेट के सामने लगा रखी थी, शायद स्कूल में अभी लंच हुआ था कुछ बच्चे बाहर निकल रहे थे उनमे बच्चों की एक टुकड़ी ने मेरा ध्यान खींचा वो बच्चे जिनमे 8 से लेकर 13 साल…

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